Saturday, 15 August 2026

कुछ लोग चाहते है

कुछ लोग चाहते है कि हम 

हमेशा अतीत या भविष्य में रहे 

ताकि वर्त्तमान का नहीं सोचे 

वे  सोचता है कि इससे उनका भलाई है 

अनपढ़ गँवार को आसानी से

कर सकते  है  नियंत्रण ! 


कुछ लोग चाहते है कि 

हमारे बच्चे स्कूल न जाए 

सडकों पे उनकेलिए जय जय करते रहे 

बेरोज़गारी पर न बात करे 

बस रील्स बनाते , देखते रहे 


कुछ लोग चाहते है  कि 

अंग्रेज़ों से बड़ी कीमत में 

पाया आज़ादी  का लाभ,  सिर्फ उनको मिले 

दूसरे सब ग़ुलाम ही रहे !  


पर नचाने  वाले भी शांति से न रह पाते 

आज के दिन में , वर्त्तमान में न जी पाते 

हमेशा इस सोच में रहता है कि मेरा नियंत्रण, कहीं छूट न जाए 

कैसे पैसे ज़्यादा से ज़्यादा कमाते रहे , कैसे अपना पद 

और प्रतिष्ठा कायम रखता रहे ? 


ज़ुल्म छोड़कर वर्त्तमान में  जीने से  ही 

मुक्ति मिलता है बेकार चिंताओं से 


तब संभव होता है,  अपनाना 

"जियो  और  जीने दो" की नीति  

तब  भलाई की चाह, सिर्फ अपनों केलिए  नहीं 

 पूरे देश और दुनिया केलिए होता है !

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